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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पीलिया (जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸)
शिशॠके उचित विकास के लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ
शिशॠके थामे हà¥à¤ माà¤à¤¶à¤¿à¤¶à¥ के फलने—फूलने के लिठजरà¥à¤°à¥€ 10 चीजें
पीलिया कà¥à¤¯à¤¾ है?
पीलिया होने पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखों का सफेद हिसà¥à¤¸à¤¾ पीला पड़ जाता है। à¤à¤¸à¤¾ खून और शरीर के ऊतà¥à¤¤à¤•ों में बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ नामक ततà¥à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ने की वजह से होता है। बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ में यह वृदà¥à¤§à¤¿ कई अलग-अलग बीमारियों की वजह से हो सकती है। समसà¥à¤¯à¤¾ की जड़ चाहे कोई à¤à¥€ बीमारी हो, तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखों के सफेद हिसà¥à¤¸à¥‡ का पीला होना आमतौर पर पीलिया (जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸) के नाम से जाना जाता है।
बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ तब बनता है जब शरीर में लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ अपने जीवन चकà¥à¤° के अंतिम चरण पर पहà¥à¤‚च जाती हैं और टूटने लगती हैं। जब यकृत (लीवर) सही ढंग से कारà¥à¤¯ कर रहा हो, तो यह बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ का संसाधन (पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸) करके इसे पाचन तंतà¥à¤° में पहà¥à¤‚चा देता है। इसके बाद बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ पेशाब या मल के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है। जब यकृत उचित ढंग से काम न कर पा रहा हो या फिर शरीर में बहà¥à¤¤ सारी लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ टूटने लगती हैं, तो खून में बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ बढ़ सकती है। इसे पीलिया कहा जाता है।
पीलिया के मà¥à¤–à¥à¤¯ तीन पà¥à¤°à¤•ार होते हैं:
हैपà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥ˆà¤²à¥à¤²à¤° जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸, यह यकृत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी या चोट लगने पर होता है।
ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸, यह पितà¥à¤¤ वाहिनी (बाइल डकà¥à¤Ÿ) में अवरोध होने की वजह से होता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस कारण से बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ लीवर से बाहर नहीं निकल पाता।
हीमोलाइटिक जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸, यह बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के टूटने की वजह से होता है। इससे रकà¥à¤¤ में बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है।
नवजात शिशॠके पीलिया और बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पीलिया में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है?
नवजात शिशà¥à¤“ं और बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पीलिया होने के कारण अलग होते हैं।
नवजात शिशॠको पीलिया होना काफी आम है और यह आमतौर पर शिशॠके लिठनà¥à¤•सानदेह नहीं होता। नवजात शिशà¥à¤“ं में बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° इसलिठहोता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती हैं। इसके साथ-साथ उनका यकृत अà¤à¥€ बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ संसाधन करने और इसे बाहर निकालने में इतना कà¥à¤¶à¤² नहीं होता। इसे अकà¥à¤¸à¤° अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में फिजियोलॉजिकल जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ कहा जाता है।
पीलिया होने पर à¤à¥€ यदि आपका शिशॠवैसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है तो पीलिया से उसे नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चेगा और यह à¤à¤• या दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में अपने आप ठीक हो जाà¤à¤—ा। जब आपका शिशॠदो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का हो जाता है, तो उसका लीवर बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ का संसाधन बेहतर ढंग से कर पाता है, इ​सलिठपीलिया ठीक हो जाता है। नवजात शिशà¥à¤“ं में पीलिया के बारे में यहां जानें!
वहीं दूसरी तरफ, थोड़े बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ (करीब छह से 12 महीने की उमà¥à¤° वाले), à¤à¤• साल की उमà¥à¤° वाले और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पीलिया कम होता है। मगर, जब यह होता है तो यह चेतावनी होती है कि उनका यकृत सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ निमà¥à¤¨ कारणों से हो सकता है:
किसी वायरस या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से हैपेटाइटिस होना। (हैपेटाइटिस ठसबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम है, हालांकि संकà¥à¤°à¤®à¤£ हैपेटाइटिस बी या हैपेटाइटिस सी विषाणॠकी वजह से à¤à¥€ हो सकते हैं।)
शिशà¥à¤“ं में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£
निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ थाइरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि (हाइपोथाइरॉइडिजà¥à¤®)।
सिकल सेल रोग
पितà¥à¤¤ की थैली में पथरी (गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸)
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न हैपेटाइटिस (जब रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो और इमà¥à¤¯à¥‚न सेलà¥à¤¸ यकृत पर इनफेकà¥à¤¶à¤¨ समà¤à¤•र हमला करें।)
सिरोसिस (बढ़ने वाला यकृत रोग, जिसमें यकृत के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ ऊतà¥à¤¤à¤• की जगह सà¥à¤•ार ऊतà¥à¤¤à¤• ले लेते हैं।) ये किसी दीरà¥à¤˜à¤•ालीन यकृत रोग के कारण हो सकता है।
किसी दवा से विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ होना
विलà¥à¤¸à¤¨à¥à¤¸ रोग जैसे कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ चयापचयी (मैटाबोलिक) रोग होना
अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ जैसे टाइफॉइड और मलेरिया आदि की वजह से à¤à¥€ पीलिया हो सकता है।
यदि आपके शिशॠया बड़े बचà¥à¤šà¥‡ में पीलिया के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दें, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की बीमारी का कारण पता लगाने के लिठकई टेसà¥à¤Ÿ करवाने के लिठकह सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की पहचान मैं कैसे कर सकती हूं?
यदि आपके शिशॠको पीलिया हो, तो आपको निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं:
तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखें पीली होना
फीके या मिटà¥à¤Ÿà¥€ के रंग जैसा मल
गहरे रंग का पेशाब
यदि आपके शिशॠका रंग गहरा है, तो आपको उसकी आंखों, नाखूनों, मसूढ़ों और हथेलियों और तलवों में पीलापन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखाई देगा।
उसे निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं:
तेज बà¥à¤–ार
कंपकंपी
पेट दरà¥à¤¦
फà¥à¤²à¥‚ के लकà¥à¤·à¤£, जैसे कि मांसपेशियों और जोड़ों में दरà¥à¤¦
बिना किसी कारण वजन घटना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ
à¤à¥‚ख कम लगना
थकान और ऊरà¥à¤œà¤¾ में कमी
मिचली और उलà¥à¤Ÿà¥€
दाईं तरफ पेट में ऊपर की तरफ दरà¥à¤¦
यदि आपको लगे कि आपके शिशॠया à¤à¤• साल से बड़े बचà¥à¤šà¥‡ को पीलिया है, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पीलिया होने का पता कैसे चलता है और इसका उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है?
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपसे बचà¥à¤šà¥‡ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में पूछेंगे। वे बचà¥à¤šà¥‡ की जांच करेंगे और देखेंगे कि उसकी टांगों, टखनों और पैरों में सूजन तो नहीं है।
कमà¥à¤ªà¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट और हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° की जांच के लिठवे खून की जांचें करवाने के लिठकहेंगे। लीवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ करवाया जाà¤à¤—ा। इससे रकà¥à¤¤ में बिलिरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ का पता चलता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° पेशाब की जांच और पेट का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने के लिठà¤à¥€ कह सकते हैं, ताकि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और साफ हो सके।
पीलिया का उपचार इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि यह किस कारण से हà¥à¤† है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ को हैपेटाइटिस ठया ई की वजह से पीलिया हà¥à¤† है, तो यह अपने आप ठीक हो जाà¤à¤—ा। मगर, आपको यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि शिशॠसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का सेवन करें, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ ले और खूब आराम करे, ताकि वह जलà¥à¤¦à¥€ ठीक हो सके।
पीलिया अगर किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ अनà¥à¤¯ कारणों से हà¥à¤† है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° और उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उपचार व दवाà¤à¤‚ देंगे।
बेहतर है कि बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के बचà¥à¤šà¥‡ को हरà¥à¤¬à¤² या कोई अनà¥à¤¯ वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार न दिठजाà¤à¤‚। इनमें से कà¥à¤› उपचार डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठउपचार के बीच में खलल डाल सकते हैं जिससे बचà¥à¤šà¥‡ को ठीक होने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लग सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ पीलिया होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को विशेष आहार या डाइट की जरà¥à¤°à¤¤ होगी?
शिशॠको पीलिया से उबरने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ चाहिठहोगी। छह महीने से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग) करवाना या फिर नियमित फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाना जारी रखें।
ठोस आहार खाने वाले शिशà¥à¤“ं को उनकी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आहार दिया जाना चाहिà¤à¥¤ यदि आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं हैं कि शिशॠको कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बिना पूछे बचà¥à¤šà¥‡ को कोई जूस, पेय या घर पर बनी कोई औषधी या काढ़ा न दें। साथ ही, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ को गाय का दूध मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के तौर पर à¤à¤• साल का होने के बाद ही दिया जाना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡ को पीलिया होने से मैं कैसे बचा सकती हूं?
चूंकि पीलिया होने के कई कारण होते हैं, इसलिठउन सà¤à¥€ से बचाव संà¤à¤µ नहीं है। मगर, बचà¥à¤šà¥‡ को पीलिया होने के खतरे से बचाने के लिठआप कà¥à¤› उपाय आजमा सकती हैं:
साफ पानी पीà¤à¤‚ और इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें
यदि आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का पानी दूषित हो तो इसमें हैपेटाइटिस ठया ई नामक विषाणॠहो सकते हैं। जब हैपेटाइटिस वायरस यकृत पर हमला करते हैं, तो इससे पीलिया हो सकता है। जलजनित पीलिया काफी आम है, खासतौर पर गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में। वायरल हैपेटाइटिस, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पीलिया होने का सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है।Â
पीने के पानीपीने का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पानीको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बनाने का सबसे आसान तरीका है, उसे उबाल लें। पानी में बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ आने तक उबालें और इसे इस तरह à¤à¤• मिनट तक और उबलने दें, ताकि सà¤à¥€ कीटाणॠमर जाà¤à¤‚। इसके बाद पानी को अपने आप ठंडा होने दें और जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। खाना पकाने और फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धोने के लिठà¤à¥€ उबाला हà¥à¤† या फिलà¥à¤Ÿà¤° पानी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पीने के पानी के बारे में यहां और अधिक पढ़ें।
सड़क किनारे खड़े ठेले वालों या सà¥à¤Ÿà¥‰à¤² से खाना-पीना न खरीदें
यदि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ फूड, जूस, शरबत, आइसकà¥à¤°à¥€à¤® या शेक आदि बनाने में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पानी या दूध सà¥à¤µà¤šà¥à¤› न हो, तो इनमें कीटाणॠपैदा हो सकते हैं। इनमें डाली जाने वाली बरà¥à¤« या आइस कà¥à¤¯à¥‚ब अकà¥à¤¸à¤° पीने योगà¥à¤¯ पानी से नहीं बनी होती। इसलिठबेहतर है कि हमेशा अपनी पानी की बोतल साथ रखें, ताकि आप बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पानी पिला सकें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार दें
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार के सेवन से मोटापे जैसे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचा जा सकता है। मोटापा कà¥à¤› हद तक आगे चलकर लीवर सबंधी रोग विकसित होने का कारण बन सकता है। आप धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि बचà¥à¤šà¤¾ वसायà¥à¤•à¥à¤¤, शकà¥à¤•र वाले जंक फूड न खाà¤à¥¤ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वसायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से पितà¥à¤¤ की थैली में पथरी हो सकती है, जो कि पीलिया होने का à¤à¤• अनà¥à¤¯ कारण है।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने के बारे में यहां और अधिक पढ़ें और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ समूहों और सही मातà¥à¤°à¤¾ में उनके सेवन के बारे में जानें।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बचà¥à¤šà¥‡ का टीकाकरण समय पर हो
हैपेटाइटिस बी का टीका उसे हैपेटाइटिस बी से बचाà¤à¤—ा और पीलिया से à¤à¥€ बचाव करेगा। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बचà¥à¤šà¥‡ को हैपेटाइटिस à¤à¤• का वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• टीका लगवाने के बारे में à¤à¥€ पूछ सकती हैं। इससे जलजनित पीलिया के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार से बचाव हो सकेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ व कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रहने दें। उसे अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤¾à¤—ने-दौड़ने वाले खेल खेलने दें। आप à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ खेल सकती हैं, ताकि आपकी à¤à¥€ थोड़ी à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ हो जाà¤! सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन होने से à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में बहà¥à¤¤ सी बीमारियों से बचाव हो सकता है।
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